मेजा, प्रयागराज। मेजा खास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पिछले लगभग 16 वर्षों से एक ही डॉक्टर की तैनाती को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती के कारण संबंधित डॉक्टर का क्षेत्र में प्रभाव बढ़ गया है, जिससे सरकारी व्यवस्था की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि विभागीय नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी कर्मचारी का समय-समय पर स्थानांतरण किया जाना चाहिए, लेकिन इस मामले में वर्षों से नियमों की अनदेखी की जा रही है।
क्षेत्र में चर्चा है कि संबंधित डॉक्टर पर सरकारी सेवा के साथ-साथ निजी अस्पताल, मेडिकल स्टोर और डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालन से जुड़े गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को विभिन्न जांचें और दवाएं बाहर से कराने की सलाह दी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों को यह कहकर निजी संस्थानों की ओर भेजा जाता है कि सरकारी अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह न केवल सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि मरीजों के हितों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को निजी जांच और दवाओं के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं। लोगों का आरोप है कि वर्षों से यह स्थिति बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि एक डॉक्टर इतने लंबे समय से एक ही स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात है और उसके खिलाफ लगातार शिकायतें एवं आरोप सामने आते रहे हैं, तो विभागीय स्तर पर समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। लोगों का मानना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जनपद से बाहर की किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय टीम से कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि इस संबंध में कोई लिखित एवं साक्ष्ययुक्त शिकायत प्राप्त होती है तो नियमानुसार जांच कराई जाएगी और जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि संबंधित डॉक्टर पर लगाए गए आरोप अभी आरोप मात्र हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र में लोग पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का विश्वास बना रहे।
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