मेजा (प्रयागराज)। सावन मास के प्रथम सोमवार को मेजा क्षेत्र के भटौती स्थित प्राचीन श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं और कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन, पूजन और जलाभिषेक के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

मंदिर के महंत बृज बिहारी दास ने बताया कि सावन के पहले सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व है। दूर-दराज के गांवों और आसपास के जनपदों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं कांवरिया पवित्र गंगाजल लेकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, दर्शन के लिए कतार व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए।

महंत बृज बिहारी दास ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से दर्शन-पूजन करें तथा प्रशासन और मंदिर समिति के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है और प्रथम सोमवार का विशेष महत्व होने के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव मंदिर क्षेत्र की प्रमुख आस्था का केंद्र है। सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां धार्मिक माहौल देखने को मिलता है। मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से भक्तिमय हो उठता है।

प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर समिति ने सभी शिवभक्तों का स्वागत करते हुए उनसे शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन करने और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की है।