प्रयागराज, 16 जुलाई। 15 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-69) के चौथे दिन कैडेटों को सैन्य अनुशासन, आधुनिक तकनीक और नेतृत्व विकास का समग्र प्रशिक्षण दिया गया। पूरे दिन आयोजित विभिन्न गतिविधियों में कैडेटों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सैन्य जीवन की कार्यप्रणाली, अनुशासन तथा टीम भावना को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्राप्त किया। शिविर का वातावरण पूरे दिन ऊर्जा, अनुशासन और सीखने की भावना से परिपूर्ण रहा।

शिविर की शुरुआत प्रातःकालीन शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) और ड्रिल से हुई। प्रशिक्षकों के निर्देशन में कैडेटों ने शारीरिक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ अनुशासन और सामूहिक समन्वय का अभ्यास किया। इसके बाद शस्त्र प्रशिक्षण एवं फायरिंग अभ्यास आयोजित किया गया, जिसमें कैडेटों को हथियारों के सुरक्षित संचालन, रखरखाव तथा सटीक निशानेबाजी की बारीकियों की जानकारी दी गई। इस अभ्यास से कैडेटों का आत्मविश्वास बढ़ा और सैन्य प्रशिक्षण के प्रति उनकी समझ और मजबूत हुई।

शिविर में आधुनिक तकनीक को भी विशेष महत्व दिया गया। कैडेटों को ड्रोन तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करते हुए ड्रोन के विभिन्न पुर्जों, उनकी असेंबली, कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि वर्तमान समय में ड्रोन का उपयोग सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, निगरानी और विभिन्न नागरिक कार्यों में तेजी से बढ़ रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेटों ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों के महत्व को नजदीक से समझा।

इसी दौरान प्रयागराज ग्रुप एनसीसी की ओर से थल सैनिक कैंप (टीएससी) के लिए टीम चयन प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गई। कैम्प कमांडेंट कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। चयनित कैडेटों का अंतिम मूल्यांकन शुक्रवार को किया जाएगा, जिसके बाद प्रयागराज ग्रुप की अंतिम टीम घोषित कर दी जाएगी।

शिविर का निरीक्षण एनसीसी प्रयागराज ग्रुप के प्रशिक्षण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल जावेद एच. फरेदी ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया, कैडेटों और प्रशिक्षण स्टाफ से संवाद स्थापित किया तथा शिविर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में अनुशासन, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-69) के माध्यम से कैडेटों को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व कौशल का भी नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य युवाओं को अनुशासित, आत्मनिर्भर, सक्षम और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक के रूप में तैयार करना है।