वाराणसी। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर वरुणा जोन में साइबर क्राइम समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। डीसीपी वरुणा राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों, फर्जी सिम कार्ड देने वालों, अवैध कॉल सेंटर संचालकों और ठगी की रकम निकालने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को साइबर मामलों की प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा करने और लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

साइबर ठगी के मामलों में तत्काल वित्तीय कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की रकम को फ्रीज कराने और वापस दिलाने के लिए संबंधित बैंकों से समन्वय बढ़ाने को कहा गया। साथ ही तकनीकी संसाधनों और साइबर इंटेलिजेंस की मदद से अपराधियों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में वरुणा जोन में अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई, NCRP शिकायतों के निस्तारण, ठगी की रकम की रिकवरी और संगठित अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

डीसीपी ने साइबर अपराध से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे OTP, ATM PIN, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें और साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।