मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के बगहा चौकी स्थित प्रसिद्ध पथरी बाबा महादेव मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर अब ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने स्वयं आगे आने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र होने के बावजूद मंदिर के विकास की ओर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का अपेक्षित ध्यान नहीं है। मंदिर की आवश्यक व्यवस्थाओं और विकास कार्यों को लेकर लंबे समय से उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों ने अब सामूहिक प्रयास से मंदिर के विकास की मुहिम शुरू करने का संकल्प लिया है। इस अभियान में सनातन व्यवस्था सेवा ट्रस्ट ने भी कदम बढ़ाते हुए मंदिर के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।
पथरी बाबा महादेव मंदिर बगहा चौकी क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। सावन सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर की धार्मिक महत्ता को देखते हुए यहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है। मंदिर परिसर में स्वच्छता, प्रकाश, पेयजल, रास्ते, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के विकास को लेकर कई बार उम्मीद रही कि शासन-प्रशासन अथवा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की ओर से पहल होगी, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आया। इससे ग्रामीणों में निराशा है। अब ग्रामीणों ने किसी के भरोसे रहने के बजाय स्वयं मंदिर के विकास के लिए आगे आने का फैसला किया है। इसी क्रम में स्थानीय लोगों और सनातन व्यवस्था सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मंदिर के विकास को लेकर सामूहिक रूप से आवाज बुलंद की।
ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे धार्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। यदि स्थानीय लोगों को एकजुट कर जनसहयोग से कार्य किया जाए तो मंदिर को बेहतर स्वरूप दिया जा सकता है। ग्रामीणों ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंदिर विकास अभियान में सलिल कुमार पांडे, अमरेश पाण्डेय, आत्म प्रकाश पांडे, रमेश चंद्र पांडे, अखिलेश चंद्र त्रिपाठी, संदीप कुमार पांडे (टिंकू, वकील साहब), राम शिरोमणि तिवारी, नेताजी दिलीप श्रीवास्तव, अमरीश पांडे, शिवबाबू यादव, अंकित कुमार पांडे, अवधेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और भक्तजन शामिल हुए। सभी ने मंदिर के विकास में अपने स्तर से सहयोग करने की बात कही।
इस अवसर पर सनातन व्यवस्था सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं कार्यकारी सदस्यों ने भी मंदिर के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई। ट्रस्ट के सदस्यों का कहना है कि सनातन संस्कृति और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए समाज के लोगों को आगे आना चाहिए। पथरी बाबा महादेव मंदिर के विकास के लिए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आवश्यक कार्यों को चिन्हित किया जाएगा और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार विकास की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
ट्रस्ट की कार्यकारिणी में संचालक नवनीत तिवारी, सचिव सूर्य प्रकाश यादव (बलराम), कोषाध्यक्ष श्याम जी केशरी, जिला अध्यक्ष संजीव मिश्रा, जिला मंत्री आलोक शुक्ला तथा जिला उप मंत्री मोनू पांडे शामिल हैं। पदाधिकारियों ने मंदिर विकास के लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया।
वहीं ट्रस्ट की मंडल टीम में मंडल अध्यक्ष संदीप कुमार, मंडल उपाध्यक्ष विनीत मिश्रा और मंडल मंत्री शंभू नाथ जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। मंडल टीम के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। समाज के लोगों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। जनसहयोग के माध्यम से मंदिर परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर में धार्मिक आयोजनों के दौरान आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग और परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ ही प्रकाश और स्वच्छता की उचित व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए तो मंदिर की सुंदरता और धार्मिक महत्व दोनों में वृद्धि होगी।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि मंदिर के विकास से केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक एकजुटता भी मजबूत होगी। धार्मिक आयोजनों के दौरान आसपास के ग्रामीणों को एक साथ आने और सामाजिक सहभागिता का अवसर मिलता है। मंदिर का व्यवस्थित विकास होने से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
सनातन व्यवस्था सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिर विकास के लिए स्थानीय लोगों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। मंदिर परिसर की आवश्यकताओं का आकलन कर भविष्य में विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। जनसहयोग से होने वाले कार्यों के साथ-साथ शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की मांग की जाएगी, ताकि बड़े स्तर के आवश्यक विकास कार्यों को भी गति मिल सके।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी पहल का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या जनप्रतिनिधि का विरोध करना नहीं है, बल्कि मंदिर के विकास की ओर सभी का ध्यान आकर्षित करना है। उनका कहना है कि यदि शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी इस मुहिम में सहयोग करें तो पथरी बाबा महादेव मंदिर को क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल बनाया जा सकता है।
इस दौरान ग्रामीणों और ट्रस्ट के सदस्यों ने मंदिर के विकास को लेकर एकजुटता दिखाई। लोगों ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धार्मिक धरोहरों को सुरक्षित रखना जरूरी है। इसके लिए समाज को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। पथरी बाबा महादेव मंदिर के विकास की यह पहल आने वाले दिनों में किस रूप में आगे बढ़ती है, इस पर क्षेत्र के लोगों की निगाहें टिकी हैं।
ग्रामीणों और सनातन व्यवस्था सेवा ट्रस्ट ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि पथरी बाबा महादेव मंदिर के विकास के लिए प्रयास लगातार जारी रखे जाएंगे। लोगों को जोड़कर जनसहयोग जुटाया जाएगा और मंदिर की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी इस पहल के बाद शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी मंदिर के विकास को गंभीरता से लेते हुए सहयोग के लिए आगे आएंगे।
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