वाराणसी। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु के बीच सांस्कृतिक एवं विकासात्मक अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), वाराणसी की ओर से आयोजित छह दिवसीय मीडिया टूर के लिए पत्रकारों का दल रविवार को चेन्नई के लिए रवाना हुआ। वाराणसी एवं आसपास के जिलों के 13 पत्रकारों का यह दल तमिलनाडु में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को करीब से देखेगा और लाभार्थियों से सीधे संवाद कर योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को समझेगा।
मीडिया टूर का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी जुटाना ही नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि केंद्र सरकार की योजनाएं धरातल पर किस तरह लागू हो रही हैं और उनका आम लोगों के जीवन पर कितना असर पड़ा है। पत्रकार दल विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लाभार्थियों, स्थानीय प्रशासन और संबंधित हितधारकों से बातचीत करेगा। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन, उनसे आए बदलाव और जमीनी स्तर की चुनौतियों को भी समझने का प्रयास किया जाएगा।
दल का नेतृत्व कर रहे पीआईबी वाराणसी के मीडिया एवं संचार अधिकारी प्रशांत कक्कड़ ने बताया कि इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य पत्रकारों को केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। लाभार्थियों से सीधे संवाद के जरिए पत्रकार यह समझ सकेंगे कि योजनाओं ने उनके जीवन में क्या बदलाव लाया है। इससे योजनाओं और विकास कार्यों से जुड़ी तथ्यपरक जानकारी आम लोगों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगी।
उन्होंने कहा कि मीडिया टूर का एक महत्वपूर्ण पहलू उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के बीच सांस्कृतिक संवाद को और मजबूत करना भी है। यात्रा के दौरान पत्रकारों को तमिलनाडु की समृद्ध कला, संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक जीवन और स्थानीय विशेषताओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। इससे दोनों राज्यों की सांस्कृतिक विविधताओं के साथ उनमें निहित राष्ट्रीय एकता की भावना को समझने का भी अवसर मिलेगा।
छह दिवसीय दौरे के दौरान पत्रकार दल तमिलनाडु के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करेगा। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों से मुलाकात के साथ स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी संवाद प्रस्तावित है। पत्रकार वहां संचालित विकासात्मक गतिविधियों, योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके सामाजिक प्रभाव की जानकारी हासिल करेंगे।
पीआईबी की यह पहल ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की उस अवधारणा को भी आगे बढ़ाती है, जिसके तहत देश के अलग-अलग राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपरा और विकास अनुभवों को एक-दूसरे से जोड़ने पर बल दिया जाता है। पत्रकारों के माध्यम से तमिलनाडु के विकास, संस्कृति और सामाजिक जीवन के अनुभव उत्तर प्रदेश के पाठकों और दर्शकों तक पहुंचेंगे, जिससे दोनों राज्यों के बीच संवाद और समझ को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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