वाराणसी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आज छात्र केवल डिग्री नहीं, बल्कि ऐसा संस्थान तलाश रहे हैं जो उन्हें रोजगार, व्यक्तित्व विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार कर सके। इसी सोच के साथ देश के अग्रणी निजी विश्वविद्यालयों में शामिल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) लगातार छात्रों के बीच अपनी अलग पहचान बना रहा है। आधुनिक शिक्षण प्रणाली, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम, अत्याधुनिक सुविधाएं और व्यापक स्कॉलरशिप योजनाओं के कारण यह विश्वविद्यालय देशभर के विद्यार्थियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इन्हीं विषयों पर परफेक्ट मिशन के प्रतिनिधि ने वाराणसी के कबीर नगर स्थित एलपीयू शाखा के ब्रांच हेड ज्ञान शंकर पाण्डेय से विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश—

 

आधुनिक शिक्षा, वैश्विक सोच और उद्योग से जुड़ाव ही एलपीयू की सबसे बड़ी पहचान

एलपीयू की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए ज्ञान शंकर पाण्डेय कहते हैं कि प्रत्येक विश्वविद्यालय की अपनी अलग पहचान और कार्यशैली होती है, लेकिन एलपीयू ने आधुनिक शिक्षा, नवाचार और उद्योग आधारित शिक्षण प्रणाली के दम पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके अनुसार विश्वविद्यालय का विशाल और अत्याधुनिक परिसर, विविध क्षेत्रों में उपलब्ध सैकड़ों रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, अत्याधुनिक शिक्षण संसाधन तथा कौशल विकास पर विशेष फोकस इसे अन्य संस्थानों से अलग बनाता है। उन्होंने बताया कि एलपीयू में विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, रिसर्च, उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद, नवाचार गतिविधियों और सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों के माध्यम से वास्तविक कार्य संस्कृति का अनुभव भी कराया जाता है। यही व्यावहारिक प्रशिक्षण छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाता है और उन्हें बदलती तकनीक, वैश्विक प्रतिस्पर्धा तथा भविष्य की पेशेवर चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए पहले से तैयार करता है।

 

अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कैंपस, जहां शिक्षा के साथ व्यक्तित्व भी है निखरता

कैंपस सुविधाओं के बारे में ज्ञान शंकर पाण्डेय बताते हैं कि एलपीयू का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थी पढ़ाई के साथ अपने व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक कौशल का भी समग्र विकास कर सकें। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का आधुनिक कैंपस विद्यार्थियों की हर शैक्षणिक और व्यक्तिगत आवश्यकता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यहां स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, चौबीसों घंटे संचालित पुस्तकालय, सुरक्षित एवं आधुनिक छात्रावास, विश्वस्तरीय खेल परिसर, जिम, स्विमिंग पूल, चिकित्सा सुविधाएं, फूड कोर्ट, स्टूडेंट क्लब तथा वर्षभर आयोजित होने वाली सांस्कृतिक, तकनीकी और नवाचार गतिविधियां विद्यार्थियों को एक जीवंत और प्रेरणादायक माहौल प्रदान करती हैं। उनका कहना है कि यही समृद्ध वातावरण छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और रचनात्मक सोच का विकास करता है, जिससे वे केवल बेहतर विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि भविष्य के सफल और जिम्मेदार पेशेवर नागरिक के रूप में भी तैयार होते हैं।

प्रतिभा को मिलता है सम्मान, कई आधारों पर उपलब्ध हैं स्कॉलरशिप के अवसर

ज्ञान शंकर पाण्डेय बताते हैं कि एलपीयू में आर्थिक सहायता केवल एक माध्यम तक सीमित नहीं है, बल्कि योग्य और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए अनेक विकल्प उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि एलपीयूनेस्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार स्कॉलरशिप दी जाती है। इसके अलावा बारहवीं अथवा स्नातक की योग्यता परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले छात्र भी इसका लाभ उठा सकते हैं। कुछ पाठ्यक्रमों में जेईई मेन, सीयूईटी तथा अन्य मान्य राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के स्कोर के आधार पर भी स्कॉलरशिप मिलती है। वहीं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल, सांस्कृतिक या अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष योजनाएं संचालित हैं। रक्षा कर्मियों के आश्रितों, दिव्यांग और अनाथ छात्रों जैसी विशेष श्रेणियों के लिए भी विश्वविद्यालय सहायता प्रदान करता है।

 

डिग्री नहीं, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप करियर गढ़ना है एलपीयू की प्राथमिकता

करियर निर्माण को लेकर ज्ञान शंकर पाण्डेय का कहना है कि आज के प्रतिस्पर्धी और तेजी से बदलते रोजगार बाजार में केवल डिग्री हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है। कंपनियां अब ऐसे युवाओं की तलाश करती हैं, जिनमें विषय की गहरी समझ के साथ व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान की क्षमता और पेशेवर कार्यशैली भी हो। इसी सोच के साथ एलपीयू शिक्षा को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ते हुए छात्रों के कौशल विकास, इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, प्लेसमेंट प्रशिक्षण और करियर काउंसलिंग पर विशेष जोर देता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे आत्मविश्वासी और सक्षम युवा तैयार करना है, जो किसी भी पेशेवर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर सकें। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र की सफलता में विश्वविद्यालय की भूमिका जितनी महत्वपूर्ण होती है, उतनी ही जरूरी छात्र की मेहनत, सीखने की ललक, अनुशासन और निरंतर अभ्यास भी होता है।

 

हर सपने के लिए उपलब्ध हैं 300 से अधिक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम

पाठ्यक्रमों की विविधता पर ज्ञान शंकर पाण्डेय बताते हैं कि एलपीयू में स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर पर तीन सौ से अधिक कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इनमें इंजीनियरिंग, प्रबंधन, वाणिज्य, कंप्यूटर एप्लीकेशन, विधि, कृषि, फार्मेसी, होटल प्रबंधन, डिजाइन, आर्किटेक्चर, पत्रकारिता एवं जनसंचार, ललित कला, विज्ञान, कला, शारीरिक शिक्षा तथा शोध कार्यक्रम शामिल हैं। उनका कहना है कि विद्यार्थी अपनी रुचि, क्षमता और करियर लक्ष्य के अनुरूप पाठ्यक्रम का चयन कर सकते हैं।

 

आज की दुनिया में डिग्री के साथ कौशल भी है सफलता की असली पहचान

बातचीत के अंत में ज्ञान शंकर पाण्डेय ने युवाओं को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि आज के तेजी से बदलते और प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल कर लेना सफलता की गारंटी नहीं है। वर्तमान समय में कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं, जिनके पास विषय का ज्ञान होने के साथ-साथ तकनीकी दक्षता, प्रभावी संवाद क्षमता, नेतृत्व कौशल, समस्या समाधान की क्षमता, व्यावहारिक अनुभव और टीम के साथ कार्य करने का हुनर भी हो। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और उद्योग से जुड़ाव छात्रों को वास्तविक कार्य संस्कृति से परिचित कराते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे रोजगार की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो पाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नियमित अध्ययन के साथ-साथ नई तकनीकों को सीखने, अपनी स्किल्स को लगातार निखारने और समय के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने की आदत विकसित करें। उनका कहना है कि मेहनत, अनुशासन, सीखने की ललक और सकारात्मक सोच ही किसी भी युवा को भीड़ से अलग पहचान दिलाती है। यदि छात्र अपनी शिक्षा के साथ कौशल विकास पर समान रूप से ध्यान दें, तो वे न केवल बेहतर रोजगार हासिल कर सकते हैं, बल्कि अपने जीवन में दीर्घकालिक सफलता की मजबूत नींव भी रख सकते हैं।