इस्लामाबाद। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत को लेकर सख्त बयान दिया है। राष्ट्रीय एकता, शांति और आर्थिक प्रगति की बात करते हुए शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन उसकी शांति की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
भारत को दी चेतावनी
शहबाज शरीफ ने पिछले वर्ष भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने राष्ट्रीय हितों और जल संसाधनों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए जिम्मेदार तथा स्थिरता प्रदान करने वाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
सिंधु जल संधि का भी उठाया मुद्दा
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की हर बूंद उसके लिए ‘रेड लाइन’ है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए थे, जिनमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल था।
ऑपरेशन सिंदूर और कश्मीर का किया जिक्र
शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया और भारत के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था।
जरदारी ने भी सेना की तारीफ की
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की प्रशंसा की। उन्होंने पिछले साल भारत के साथ हुए संघर्ष में पाकिस्तानी सेना के प्रदर्शन को लेकर दावा किया कि सेना ने भारत को जवाब दिया।
पाकिस्तान ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पिछले वर्ष के संघर्ष से जुड़ा एक स्मारक भी स्थापित किया। सेना के शीर्ष अधिकारियों ने इस दौरान राष्ट्रीय एकता, शांति और आर्थिक विकास का आह्वान करते हुए देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा का संकल्प दोहराया।
हालांकि, शांति की बात के साथ भारत को लेकर दिए गए आक्रामक बयानों ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस संदेश को एक बार फिर भारत-पाकिस्तान तनाव के संदर्भ में चर्चा में ला दिया है।
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