नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के विचारों को प्रेरणादायक और विचारशील बताते हुए कहा कि उनका संबोधन राष्ट्र की मजबूती और हर भारतीय की आकांक्षाओं को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रपति का संबोधन सभी को विकसित भारत के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।

युवाओं को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में देश के युवाओं को भारत की सबसे महत्वपूर्ण संपदा बताया। उन्होंने कहा कि देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। युवा प्रतिभाशाली, प्रतिबद्ध और कुशल हैं तथा जमीनी स्तर पर समस्याओं के व्यावहारिक और नए समाधान सामने ला रहे हैं।

शिक्षा और आर्थिक क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी

राष्ट्रपति ने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही हैं और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता लगातार बढ़ रही है। कृषि क्षेत्र में ड्रोन दीदी से लेकर वायुसेना में फाइटर कॉम्बैट लीडर तक महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर भी रखा पक्ष

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विदेश नीति को देशहित पर आधारित बताते हुए आर्थिक सहयोग और आपसी संबंध मजबूत करने के लिए विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है और विश्व पटल पर देश का सम्मान लगातार बढ़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया और राष्ट्रपति के संबोधन से स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर विकसित भारत के लक्ष्य, युवा शक्ति और महिला सशक्तीकरण का संदेश प्रमुखता से सामने आया।