चहनियां (चंदौली)। अघोर साधना की पावन धरती रामगढ़ शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के रंग में रंगी नजर आई। महाकापालिक योगिराज अघोरेश्वर बाबा कीनाराम जी के 427वें जन्मोत्सव के दूसरे दिन उनकी जन्मस्थली एवं तपस्थली पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से देर रात तक बाबा के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। कोई शीश झुकाकर मनोकामना मांग रहा था तो कोई प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य मान रहा था। मठ परिसर से लेकर आसपास करीब पांच किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा कीनाराम जी की जय’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

सुबह होते ही श्रद्धालुओं के कदम बाबा कीनाराम की तपोभूमि की ओर बढ़ने लगे। कतारों में खड़े बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहे। बाबा के दरबार में पहुंचते ही श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था और संतोष का भाव दिखाई दिया। मठ परिसर में बजती घंटियां, जयघोष और भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं ने जन्मोत्सव को आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया।


मोहनभोग से अन्नपूर्णा भवन तक चली सेवा

सुबह आठ बजे मोहनभोग प्रसाद का वितरण शुरू हुआ, जो दोपहर करीब एक बजे तक चला। इसके बाद अन्नपूर्णा भवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध बैठकर प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया। शाम तीन बजे दोबारा मोहनभोग वितरण शुरू हुआ और रात करीब नौ बजे तक चलता रहा।

मेला परिसर भी दिनभर गुलजार रहा। बच्चों ने झूले और चरखी का आनंद लिया तो महिलाओं व परिवारों ने मिठाई, चाट-पकौड़ी सहित विभिन्न दुकानों पर खरीदारी की। एक ओर बाबा के दरबार में आस्था की कतार थी तो दूसरी ओर मेले में बच्चों की मुस्कान और परिवारों की चहल-पहल जन्मोत्सव को जीवंत बना रही थी।


ढोल-नगाड़ों के बीच आरती, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

प्रभात बेला में आरती के बाद सुबह नौ से 11 बजे तक रामायण पाठ हुआ। इसके बाद मां खंडवारी देवी इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सुरेश सरगम, सीमा यादव, निवास केसरी, रिंकी सिंह, कुंवर मिलन प्रताप सिंह और विक्की तिवारी सहित कलाकारों ने भोजपुरी गीतों और भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।

शाम को हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ढोल-नगाड़ों के बीच आरती हुई। दीपों की रोशनी, घंटियों की ध्वनि और बाबा कीनाराम के जयघोष के बीच पूरा परिसर भक्ति में डूब गया। रात करीब 10 बजे बाबा कीनाराम खेल मैदान में कव्वाली का आयोजन हुआ। राकेश यादव, वसीम बारसी और नाज बारसी ने अपनी प्रस्तुतियों से देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।


सोहर गीत से छात्राओं ने मनाया बाबा का जन्मोत्सव

लालजी सिंह गर्ल्स इंटर कॉलेज रामगढ़ की छात्राओं ने बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव पर पारंपरिक सोहर गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया। आंचल, स्नेहा, कुमुद, नंदिनी सहित अन्य छात्राओं की प्रस्तुति ने लोकसंस्कृति और जन्मोत्सव की परंपरा को एक साथ जीवंत किया। इस दौरान प्रबंधक रणधीर सिंह, डायरेक्टर राजन सिंह, प्रशिक्षक अवनीश कुमार यादव और राजेश कुशवाहा मौजूद रहे।

संगोष्ठी में याद की गई बाबा कीनाराम की साधना

शाम चार से छह बजे तक आयोजित संगोष्ठी में विकास सिंह, देवब्रत चौबे, डॉ. सुबेदार सिंह और अशोक पांडेय ने बाबा कीनाराम के जीवन, वैराग्य, साधना, गिरनार यात्रा और अघोर परंपरा में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि बाबा कीनाराम की साधना और उनकी शिक्षाओं का प्रभाव सदियों बाद भी सीमाओं में नहीं बंधा है। देश-विदेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आज भी उनके बताए आध्यात्मिक मार्ग और अघोर परंपरा से जुड़े हैं।


श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे चिकित्सा सेवा

भारी भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम 24 घंटे चिकित्सकीय सेवा में तैनात रही। प्रभारी चिकित्साधिकारी चहनियां संदीप के नेतृत्व में चिकित्सकीय दल ने जरूरतमंद श्रद्धालुओं, कर्मचारियों और अधिकारियों को उपचार एवं दवाएं उपलब्ध कराईं। चिकित्सकों ने श्रद्धालुओं को खान-पान में सावधानी रखने, उबला पानी पीने और खुले में सोने से बचने की सलाह दी।


प्रेस कार्ड जारी, बैरियर पर रोक-टोक से पत्रकार नाराज

भव्य आयोजन के बीच व्यवस्थाओं से जुड़ी कुछ शिकायतें भी सामने आईं। पत्रकारों का आरोप है कि मठ प्रशासन की ओर से जारी सुविधा कार्ड कई बैरियर पर प्रभावी नहीं रहा। समाचार संकलन के लिए आने-जाने के दौरान कई स्थानों पर उन्हें रोक-टोक का सामना करना पड़ा और कुछ जगह पुलिसकर्मियों से नोकझोंक की स्थिति भी बनी। पत्रकारों ने विवाद से बचते हुए अपनी गरिमा और पत्रकारिता की मर्यादा बनाए रखी।

पत्रकारों ने सवाल उठाया कि जब प्रेस के लिए कार्ड जारी किए गए थे तो सभी बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों को उनकी जानकारी और मान्यता सुनिश्चित क्यों नहीं कराई गई। इसे लेकर बलुआ पुलिस और मठ प्रबंधन के बीच समन्वय पर भी सवाल उठे। असुविधा के कारण कुछ पत्रकारों ने मठ परिसर के बाहर से ही कवरेज करना उचित समझा।


समर सिंह के कार्यक्रम में उमड़ी थी भीड़, सुरक्षा पर सवाल

जन्मोत्सव के पहले दिन 10 सितंबर की रात भोजपुरी गायक एवं अभिनेता समर सिंह के कार्यक्रम में बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। भीड़ इतनी अधिक रही कि कई लोग अपने परिजनों और साथियों को तलाशते दिखाई दिए। कार्यक्रम के दौरान समर सिंह के एक साथी के साथ मारपीट की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। कुछ पुलिसकर्मियों के कलाकार के साथ सेल्फी लेने को लेकर भी लोगों ने आपत्ति जताई और भीड़भाड़ वाले आयोजन में सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई।


वॉलेंटियर कार्ड के इस्तेमाल पर भी चर्चा

मठ प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था में सहयोग के लिए बड़ी संख्या में वॉलेंटियर कार्ड जारी किए थे। हालांकि कुछ श्रद्धालुओं का आरोप रहा कि कुछ कार्डधारक व्यवस्था संभालने के बजाय अपने आवागमन और सुविधा के लिए कार्ड का इस्तेमाल करते दिखाई दिए। लोगों ने वॉलेंटियर की जिम्मेदारी स्पष्ट करने और पुलिस-मठ प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई।

जन्मोत्सव की व्यवस्थाओं में प्रभुनारायण सिंह लल्ला, अखिलेश अग्रहरी, आशुतोष सिंह कैलाशी, कार्यक्रम संयोजक अरुण सिंह, व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह, हेमराज सिंह, संतोष सिंह, कौशल दूबे, आनंद तिवारी सोनू, समित सिंह, प्रभुनाथ पाण्डेय, तेजबल सिंह, अरुण यादव, अर्पित पाण्डेय, उमेश कुशवाहा, ऋषिकेश यादव, इंद्रेश कुमार, रूबी सिंह, धनंजय सिंह उर्फ धनजी, दीना सिंह दादा, कुलदीप वर्मा, मिथिलेश सिंह, संतोष पटेल, अनिल पांडेय, बुज्जा पांडेय, दिनेश सोनकर, नंदू गुप्ता और संदीप पाटिल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन धनञ्जय सिंह, राजेंद्र पाण्डेय और रितेश पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया।