सनबीम वीमेंस कॉलेज में ‘वैवाहिक आत्महत्याओं के बढ़ते रुझान’ पर पैनल चर्चा, छात्राओं ने पूछे सवाल
वाराणसी। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर सनबीम वीमेंस कॉलेज, वरुणा के मनोविज्ञान विभाग और नई सुबह इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड बिहेवियरल साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को ‘Rising Trend of Marital Suicides’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने वैवाहिक जीवन में बढ़ते तनाव, संवादहीनता, पारिवारिक-सामाजिक दबाव, आर्थिक व कानूनी चुनौतियों और मानसिक स्वास्थ्य को आत्महत्या के जोखिम से जोड़ते हुए समय रहते मदद लेने पर जोर दिया।
पैनल में डीएलएसए के सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राजीव मुकुल पांडेय, केंद्रीय कारागार के सीनियर जेल सुप्रिटेंडेंट राधाकृष्ण मिश्रा, पूर्व प्रदेश सचिव/प्रदेश मंत्री भाजपा मीना चौबे, अधिवक्ता नीतू सिंह और नई सुबह इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. अजय तिवारी शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने कहा कि वैवाहिक या पारिवारिक संकट को भीतर ही भीतर दबाने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति से संवाद करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर काउंसलर, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और कानूनी सहायता की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। छात्राओं ने भी वैवाहिक संबंधों, अधिकारों और मानसिक दबाव से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।
कार्यक्रम में सनबीम समूह के चेयरपर्सन डॉ. दीपक मधोक, वाइस चेयरपर्सन भारती मधोक और प्रशासनिक अधिकारी डॉ. शालिनी सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य डॉ. राजीव सिंह ने कहा कि वैवाहिक आत्महत्याओं जैसे गंभीर सामाजिक विषय पर संवाद युवाओं में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आयोजन में अनुराग तिवारी और राजीव कुमार सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एमफिल (क्लीनिकल साइकोलॉजी), पीजीडीआरपी और बीएससी (क्लीनिकल साइकोलॉजी) के विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की।
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