नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार की तैयारी कर रही है। एजेंसी ने अगले तीन महीने के भीतर तदर्थ यानी एडहॉक व्यवस्था खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही स्थायी पदों पर भर्ती, साइबर सुरक्षा मजबूत करने, परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुधार और विशेषज्ञों की नई टीम तैयार करने की दिशा में काम तेज कर दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, एनटीए में 20 से अधिक स्थायी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO), मुख्य वित्त अधिकारी (CFO), मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) के अलावा परीक्षा सुरक्षा, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और साइकोमेट्रिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महाप्रबंधक स्तर के पदों पर भी पेशेवरों की नियुक्ति की जा रही है।
तीन महीने में खत्म होगी एडहॉक व्यवस्था
एनटीए अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी तीन महीने के भीतर अस्थायी व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए 20 से अधिक स्थायी पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी किए गए हैं। उद्देश्य यह है कि परीक्षा संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए स्थायी और जवाबदेह विशेषज्ञ टीम तैयार की जाए।
करीब 600 विशेषज्ञों को हटाया गया
परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए करीब 600 विशेषज्ञों को टीम से हटाया गया है। अब नई भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से विशेषज्ञों की नियुक्ति की जा रही है। साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के अनुभवी पेशेवरों को भी शामिल किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि एनटीए एक बड़ा प्रश्न बैंक तैयार करेगा, ताकि परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी किसी एक व्यक्ति तक सीमित न रहे। इससे प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में सुरक्षा और गोपनीयता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
CISF के हवाले होगी सुरक्षा व्यवस्था
एनटीए के कार्यालयों को सरकारी परिसरों में स्थानांतरित करने की भी तैयारी है। इसके साथ ही निजी सुरक्षा एजेंसियों के स्थान पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की योजना है।
परीक्षा केंद्रों और कार्यालयों में सुरक्षा को तकनीक से भी जोड़ा जाएगा। नए ढांचे में बायोमेट्रिक प्रवेश, सीसीटीवी निगरानी, बेहतर डिजिटल सिस्टम और मजबूत साइबर सुरक्षा को शामिल किया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय ने मांगी पूरी रिपोर्ट
एनटीए में लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी समस्याओं और परीक्षाओं के रद्द होने जैसी घटनाओं के बीच शिक्षा मंत्रालय ने एजेंसी को परीक्षा प्रक्रिया का विस्तृत ऑडिट करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने सुधारात्मक कदमों की जानकारी के साथ रिपोर्ट भी मांगी है।
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एनटीए के अधिकारियों के साथ दो बैठकें की हैं। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार, एनटीए से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया है और नई परीक्षा टीम तैयार की जा रही है।
परीक्षा प्रणाली में इन बदलावों पर जोर
- तीन महीने में एडहॉक व्यवस्था खत्म करने का लक्ष्य
- 20 से अधिक स्थायी पदों पर भर्ती
- CTO, CFO और CISO जैसे वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति
- करीब 600 विशेषज्ञों को नई टीम से बदला जाएगा
- साइबर सुरक्षा और साइकोमेट्रिक्स विशेषज्ञों की नियुक्ति
- बड़ा और सुरक्षित प्रश्न बैंक तैयार करने की योजना
- बायोमेट्रिक प्रवेश और सीसीटीवी निगरानी पर जोर
- एनटीए कार्यालयों की सुरक्षा में CISF की भूमिका
- परीक्षा प्रक्रिया का विस्तृत ऑडिट
- डिजिटल और साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की तैयारी
इन सुधारों का उद्देश्य एनटीए की परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है। आने वाले तीन महीनों में होने वाली नियुक्तियों और प्रशासनिक बदलावों के बाद परीक्षा संचालन की पूरी व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
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