मुंबई। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके और CID अधिकारियों के बीच कथित विवाद का मामला सामने आया है। दीपके ने आरोप लगाया कि उनके घर आने वाले समर्थकों और आगंतुकों के साथ पुलिस व CID अधिकारियों का व्यवहार अनुचित था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनसे कौन मिलेगा और कौन नहीं, इसका निर्णय उनका व्यक्तिगत अधिकार है, इसमें प्रशासन को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से अपने छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर आराम कर रहे हैं। इसी दौरान उनसे मिलने के लिए पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और अन्य लोग लगातार उनके घर पहुंच रहे थे। दीपके का आरोप है कि घर के बाहर तैनात पुलिस और CID अधिकारियों ने आने वाले लोगों से अभद्र व्यवहार किया और उन्हें अनावश्यक रूप से रोकने की कोशिश की। इस पर उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताई और कथित तौर पर कहा कि "आप मेरे घर से बाहर जाइए, मुझसे कौन मिलेगा यह मैं तय करूंगा।"
'व्यक्तिगत अधिकार में दखल बर्दाश्त नहीं'
मराठी में मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को लोगों से मिलने और अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उनसे मिलने से रोकना या पूछताछ के नाम पर परेशान करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, पुलिस का दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि निजी मुलाकातों में हस्तक्षेप करना।
CID अधिकारियों के व्यवहार पर उठाए सवाल
दीपके ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों से अधिकारियों ने सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति उनसे मिलने आता है, तो उसके साथ शालीनता से पेश आना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
स्वास्थ्य कारणों से घर पर हैं अभिजीत दीपके
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले अभिजीत दीपके की तबीयत खराब हो गई थी। डॉक्टरों की सलाह के बाद वह फिलहाल अपने आवास पर ही आराम कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक भी की, जिसमें संगठन की आगामी रणनीति और राजनीतिक कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अभिजीत दीपके और मौजूद अधिकारियों के बीच तीखी बातचीत दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
घटना सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। समर्थकों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक नेता से मिलने वाले लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
क्या कहता है कानून?
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को सुरक्षा संबंधी कदम उठाने का अधिकार होता है। वहीं नागरिकों को भी संविधान के तहत मिलने-जुलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। ऐसे मामलों में सुरक्षा और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।
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