नई दिल्ली। NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के तीन विषय विशेषज्ञों ने अपनी गोपनीय पहुंच का दुरुपयोग कर परीक्षा के प्रश्न याद किए, उन्हें दोबारा तैयार किया और बिचौलियों के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। चार्जशीट के अनुसार, पूरे नेटवर्क में WhatsApp, Telegram, PDF फाइलें, मोबाइल फोन और डिजिटल चैट का इस्तेमाल किया गया। मामले में कुल 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।

NTA के तीन एक्सपर्ट्स पर गंभीर आरोप

CBI के अनुसार, बॉटनी विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंधारे, केमिस्ट्री विशेषज्ञ प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी और फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार को प्रश्नपत्र के अनुवाद, बैक-ट्रांसलेशन और प्रूफरीडिंग की जिम्मेदारी दी गई थी। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने इसी गोपनीय पहुंच का फायदा उठाकर प्रश्नों को याद किया या कॉपी कर बाहर पहुंचाया।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामियां

चार्जशीट में दावा किया गया है कि NTA के कॉन्फिडेंशियल सेक्शन में प्रवेश और निकास के दौरान फ्रिस्किंग (तलाशी) की व्यवस्था नहीं थी। इसी का फायदा उठाकर कथित तौर पर प्रश्नों को पर्चियों पर लिखकर बाहर ले जाया गया। CBI ने यह भी कहा कि कई आसान सवाल याद कर बाद में लिखे गए।

CCTV निगरानी पर भी सवाल

CBI ने जांच में पाया कि NTA के पास CCTV फुटेज का बैकअप केवल 20 से 25 दिन तक ही सुरक्षित रहता था। चूंकि मामला दर्ज होने तक संबंधित फुटेज उपलब्ध नहीं थी, इसलिए जांच में यह महत्वपूर्ण साक्ष्य नहीं मिल सका। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि लाइव निगरानी के लिए कोई समर्पित कंट्रोल रूम नहीं था।

WhatsApp और Telegram से फैला नेटवर्क

चार्जशीट के मुताबिक, लीक प्रश्न सीधे छात्रों तक नहीं पहुंचे बल्कि कई बिचौलियों के जरिए प्रसारित किए गए। मोबाइल फोरेंसिक जांच में WhatsApp चैट, Telegram मैसेज, PDF फाइलें और प्रश्नपत्रों की तस्वीरें बरामद होने का दावा किया गया है। जांच में आरोपी यश यादव के मोबाइल से लीक प्रश्नों की PDF मिलने और "AP Broker" नाम के Telegram संपर्क का भी उल्लेख किया गया है। वहीं, एक आरोपी के मोबाइल में "NEET 2026" नाम का WhatsApp ग्रुप मिलने का दावा भी किया गया है।

कोचिंग क्लासों में भी पहुंचे सवाल?

CBI का आरोप है कि परीक्षा से पहले कुछ विशेष कोचिंग क्लासों में महत्वपूर्ण प्रश्न बताए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि छात्रों और अभिभावकों की मौजूदगी की पुष्टि कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और विजिटर रिकॉर्ड से की गई है।

360 गवाह और 422 दस्तावेज

CBI ने अदालत में पेश चार्जशीट में 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों का हवाला दिया है। एजेंसी का कहना है कि सभी साक्ष्य एक संगठित पेपर लीक नेटवर्क की ओर संकेत करते हैं। फिलहाल चार्जशीट में नामजद सभी 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की सुनवाई अदालत में जारी रहेगी।