नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दों को लेकर "चुनिंदा राजनीति" करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल उन्हीं आंदोलनों और छात्रों के बीच पहुंचते हैं, जहां उन्हें राजनीतिक लाभ दिखाई देता है, जबकि झारखंड जैसे राज्यों के छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व उनकी आवाज सुनने तक नहीं पहुंच रहा।

संबित पात्रा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि झारखंड के छात्र भी देश के ही बच्चे हैं और उनकी समस्याएं किसी भी अन्य राज्य के छात्रों से कम नहीं हैं। यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें झारखंड जाकर वहां आंदोलन कर रहे युवाओं से भी संवाद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल उन मुद्दों को उठाती है, जिनसे उसे राजनीतिक फायदा मिलने की संभावना होती है।

छात्रों के कंधे पर राजनीति की बंदूक न रखें

भाजपा सांसद ने कहा कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस छात्रों के खिलाफ नहीं, बल्कि राहुल गांधी के राजनीतिक रवैये के खिलाफ थी। उन्होंने कहा कि देश के युवा भारत का भविष्य हैं और उन्हें राजनीतिक एजेंडे का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल अपनी राजनीति के लिए कर रहा है, जबकि उनकी वास्तविक समस्याओं के समाधान पर गंभीरता से काम नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को डरने या भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार युवाओं के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

राहुल गांधी पर झूठा नैरेटिव फैलाने का आरोप

संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर देश में भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे तथ्यों से ज्यादा राजनीतिक बयानबाजी पर भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य छात्रों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि उन तथ्यों को सामने लाना है जिन्हें विपक्ष लगातार तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस प्रकार का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वह पूरी तरह तथ्यों से परे है। भाजपा ऐसे हर झूठे नैरेटिव का जवाब तथ्यों के साथ देती रहेगी।

जंतर-मंतर फायरिंग विवाद पर भी दिया जवाब

दिल्ली में 20 जुलाई को आयोजित संसद मार्च के दौरान कथित फायरिंग के आरोपों पर संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जंतर-मंतर पर गोली चलने की घटना नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में अफवाह फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर ही चर्चा होनी चाहिए।

अमित शाह की संसद में मौजूदगी पर विपक्ष को घेरा

राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में अनुपस्थिति पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए पात्रा ने कहा कि विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित होती रहती है। उन्होंने कहा कि जिस मंत्रालय से जुड़ा विषय सदन में चर्चा के लिए आता है, संबंधित मंत्री उसी समय सदन में उपस्थित रहते हैं। गृह मंत्रालय पर चर्चा के दौरान अमित शाह निश्चित रूप से सदन में मौजूद रहेंगे।

धर्म के आधार पर राजनीति करने का आरोप

संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर समाज को धार्मिक आधार पर विभाजित करने की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चाहे कोई मुस्कान शर्मा हो या मुस्कान खान, दोनों इस देश की बेटियां हैं और सभी नागरिक समान अधिकार रखते हैं। भाजपा का लक्ष्य सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना के साथ देश को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को धर्म या जाति के आधार पर बांटने की कोशिश देश के हित में नहीं है। राजनीतिक दलों को युवाओं के भविष्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता के इन बयानों के बाद छात्रों के मुद्दे और विपक्ष की राजनीति को लेकर एक नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है।