वाराणसी। वाराणसी के एडीजे 13वें कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत चल रहे एक लंबे मुकदमे में शिवपुर थाना क्षेत्र के निवासी संजय यादव उर्फ गुल्ले पांचो को बरी कर दिया है। अदालत ने अभियुक्त को बाइज्जत रिहा करने का आदेश दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष (सरकार) चार गवाह पेश करने के बावजूद अपना पक्ष साबित करने में पूरी तरह असफल रहा। वहीं अभियुक्त संजय यादव की ओर से उनके वकील अधिवक्ता राकेश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में सफाई के रूप में चार गवाहों के बयान दर्ज कराए गए, जिन्होंने अदालत में अभियुक्त के पक्ष में मजबूत दलीलें दीं।

अधिवक्ता राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि यह मुकदमा वर्ष 2000-2001 से लंबित था। इसमें मुख्य रूप से मुकदमा संख्या 61 सन् 2001 और मुकदमा संख्या 155 सन् 2000 शामिल थे। इन आधार पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था, जिसमें कुल आठ मुकदमों का हवाला दिया गया था। उन्होंने कहा कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आज न्याय मिला है। संजय यादव निर्दोष थे, यही कोर्ट ने भी माना। एडीजे 13वें कोर्ट के समक्ष लंबे समय तक चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष गवाहों के माध्यम से आरोप साबित नहीं कर सका। बचाव पक्ष ने गवाहों के जरिए साफ किया कि आरोपी पर लगाए गए आरोप आधारहीन थे। कोर्ट ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अभियुक्त को बरी करने का फैसला सुनाया।

संजय यादव उर्फ गुल्ले शिवपुर के पांचो पंडवा मंदिर के बगल शिवपुर के रहने वाले हैं। इस फैसले से उनके परिजनों और समर्थकों में खुशी का माहौल है। उन्होंने लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा की थी। अधिवक्ता राकेश कुमार गुप्ता ने इस जीत को “कानूनी लड़ाई की जीत” बताते हुए कहा कि 2001 से चल रहे इस मामले को जीतना आसान नहीं था, लेकिन सबूतों और गवाहों के बल पर सफलता मिली।