नई दिल्ली।सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रही अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल 23 जुलाई को समाप्त कर दी। शुक्रवार सुबह जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि "अनशन खत्म हुआ है, लेकिन अब जवाबदेही की शुरुआत होनी चाहिए।"
वांगचुक ने बताया कि उन्हें सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों की ओर से आश्वासन मिला है कि भारतीय संसद में परीक्षा प्रणाली में बढ़ती अनियमितताओं और जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने भरोसा दिया है कि हालिया NEET पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित परिवारों, जिनमें कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजन भी शामिल हैं, को उचित मुआवजा देने पर विचार किया जाएगा। साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
सोनम वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक अनशन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाते रहने की अपील भी की।
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