नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को संसद परिसर के मकर द्वार पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के सांसदों ने अपने-अपने मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इस कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
संसद के भीतर भी आज तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं। विपक्ष जहां विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष भी अपने रुख पर मजबूती से कायम है। ऐसे में दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
उधर, देशभर में चर्चा का विषय बने पेपर लीक मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इलाके में बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
संसद के भीतर राजनीतिक टकराव और बाहर छात्रों के बढ़ते आंदोलन के बीच आज का दिन राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर बेहद अहम माना जा रहा है।
Comments (0)