वाराणसी। रोहनिया थाना क्षेत्र के अवलेशपुर (अखरी) में किराना व्यापारी जितेंद्र पटेल की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे साइबर ठगी से जुड़े गिरोह का हाथ था, जो व्यापारी के बैंक खाते में आए 26 लाख रुपये पर कब्जा करने की फिराक में था। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए हैं।

पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय जितेंद्र पटेल दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र किसी तरह घर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, एडीसीपी वरुणा लिपि नागायच के पर्यवेक्षण तथा एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी राजू सिंह और एसओजी प्रभारी गौरव सिंह की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया।

जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस का दावा है कि व्यापारी के खाते में 26 लाख रुपये आने की जानकारी मिलने के बाद आरोपियों ने मोबाइल और बैंकिंग जानकारी हासिल कर रकम हड़पने की साजिश रची। इसी योजना के तहत हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गोलू पटेल और गियांशु पटेल को गिरफ्तार किया, जिनके पैर में गोली लगी है। इनके अलावा गिरोह के कथित मास्टरमाइंड आयुष पटेल, मनीष सिंह और अमन सेठ को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से हथियार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि पूरे गिरोह के नेटवर्क और साइबर ठगी के अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला साइबर अपराध के बदलते स्वरूप की ओर इशारा करता है, जहां ऑनलाइन ठगी के साथ हिंसक अपराध की भी आशंका बढ़ रही है।
मामले की विवेचना जारी है और पुलिस अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है।
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