प्रयागराज। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में खामियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कई विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने पूर्व में ही निर्देश दिए थे कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का नियत समयावधि के भीतर निस्तारण किया जाए। जांच अधिकारी शिकायतकर्ता से मोबाइल फोन पर संपर्क कर शिकायत की वास्तविक स्थिति समझें और नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए, ताकि शिकायत का संतोषजनक निस्तारण हो सके।
इन निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी ने स्वयं तथा अपर जिलाधिकारियों के माध्यम से विभिन्न तहसीलों के शिकायतकर्ताओं से रैंडम आधार पर बातचीत की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई मामलों में अधिकारियों ने औपचारिक रूप से शिकायतकर्ताओं से संपर्क तो किया, लेकिन शिकायत में दर्ज समस्याओं का वास्तविक समाधान नहीं कराया गया। इससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं थे और कई मामलों में समस्याएं जस की तस बनी हुई थीं।
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपजिलाधिकारी बारा, करछना, कोरांव, मेजा, हंडिया एवं फूलपुर, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड हंडिया, बंदोबस्त अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्ट एवं तथ्यात्मक स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं। साथ ही लंबित एवं अपूर्ण शिकायतों का तत्काल नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता जन शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या औपचारिकता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में लापरवाही मिलने पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी की इस सख्ती के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों को अब जन शिकायतों के प्रभावी समाधान, शिकायतकर्ताओं से नियमित संवाद और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम जनता को त्वरित एवं न्यायसंगत राहत मिल सके।
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