वॉशिंगटन। अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए उससे जुड़े 14 लोगों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान के शीर्ष नेतृत्व और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करना और उसे वैश्विक वित्तीय प्रणाली से अलग करना है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य निशाना दुबई स्थित ईरानी कारोबारी और बैंकर अली अंसारी हैं। अमेरिका का आरोप है कि अंसारी ने सरकारी धन को विदेशों में रियल एस्टेट और अन्य व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश कर ईरान के प्रभावशाली नेताओं और IRGC को आर्थिक लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
अमेरिका का दावा है कि इन व्यक्तियों और कंपनियों का उपयोग अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रतिबंधों से बचने, धन के प्रवाह को छिपाने और ईरान के रणनीतिक हितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा था। नए प्रतिबंधों के तहत संबंधित लोगों और संस्थाओं की अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में मौजूद संपत्तियां फ्रीज की जा सकती हैं तथा अमेरिकी कंपनियों और नागरिकों के साथ उनके कारोबार पर रोक लगेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से पहले से तनावपूर्ण अमेरिका-ईरान संबंधों में और तल्खी आ सकती है। साथ ही, ईरान के वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ने और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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