वाराणसी। पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर अपराधों की रोकथाम एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना चोलापुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। गुरुवार 2 जुलाई 2026 को ऑपरेशन चक्रव्यूह के अंतर्गत मुखबिर की खास सूचना पर फर्जी दरोगा की वर्दी पहनकर घूमने वाले राजन प्रजापति को आयर बाजार औरा नहर के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के नेतृत्व में थाना चोलापुर की टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी राजन प्रजापति (23 वर्ष), पुत्र सभापति प्रजापति, निवासी इन्द्रपुर, थाना शिवपुर, कमिश्नरेट वाराणसी का निवासी है।

अभियुक्त के कब्जे से पुलिस ने भारी मात्रा में फर्जी पुलिस सामग्री बरामद की। इसमें 1 खाकी वर्दी सेट, 4 स्टार पीली धातु मय फ्लैप पुलिस कलर रिबन,1 बेल्ट, 1 जोड़ी ब्राउन जूता व 1 जोड़ी खाकी मोजा, 1 पी-कैप, 1 बैरेट कैप मय ताज, 2 नेम प्लेट, 2 उत्तर प्रदेश पुलिस बैज, 1 सीटी डोरी 3 पुलिस आईडी कार्ड, 1 आधार कार्ड, 1 आपदा मित्र कार्ड, 1 निर्वाचन कार्ड, 1 एटीएम कार्ड (यूनियन बैंक), 1 पैन कार्ड, फर्जी नियुक्ति पत्र की छायाप्रति, 2 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 1 बैग, 1 पर्स, 1 इयर फोन और नगद 1200 रुपये इन बरामदगी हुई। इसके आधार पर थाना चोलापुर में मुकदमा संख्या 0268/2026 धारा 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2), 204, 205 बीएनएस के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है। मामले की विवेचना उप निरीक्षक अनिकेत श्रीवास्तव द्वारा की जा रही है। पूछताछ में राजन प्रजापति ने कबूल किया कि वह फर्जी दरोगा की वर्दी धारण कर क्षेत्र में घूमता था। लोगों को पुलिस अधिकारी बताकर धौंस दिखाता और नौकरी दिलवाने के नाम पर पैसे ऐंठता था। चेकिंग के बहाने भी वह पैसे वसूलता था। उसने फर्जी पुलिस नियुक्ति पत्र और फर्जी आईडी कार्ड बनवा रखे थे। आरोपी ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले उसने किशन विश्वकर्मा निवासी महगाँव, थाना सिंधौरा से पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये लिए थे, जिसे उसने अपनी शानो-शौकत और दैनिक खर्चों में उड़ा दिया।

जब मीडिया ने आरोपी के इन्द्रपुर स्थित घर पर पहुंचकर जानकारी ली तो स्थानीय लोगों ने बताया कि राजन प्रजापति इंटर पास भी नहीं था। फिर भी वह पुलिस भर्ती का दावा करता था। कुछ लोगों का कहना था कि वह काशीराम आवास की चौकी पर बैठता था और वहां तैनात एक सिपाही से उसका गहरा संबंध था, जिसका फायदा उठाकर वह आसपास के लोगों पर दबदबा बनाए रखता था। सोशल मीडिया पर इसकी पोल खुलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को चोलापुर थाने में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक सधुबन राम गौतम, उप निरीक्षक अनिल कुमार, महिला उप निरीक्षक संध्या जायसवाल, हेड कांस्टेबल अनुनेष कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल मोहम्मद शकील अहमद और कांस्टेबल विपिन कुमार सिंह की टीम शामिल रही। पुलिस आरोपी के अन्य संभावित अपराधों की भी गहन छानबीन कर रही है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि वर्दी का दुरुपयोग कर आम नागरिकों को ठगने वाले तत्वों पर सख्त नकेल कसने की जरूरत है।