साइबर ठगी का बड़ा खुलासा इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 12.5 लाख की ठगी करने वाला गैंग गिरफ्तार

31 जून 2026 को दिल्ली से पांच आरोपी गिरफ्तार, बरामदगी में आईफोन व नकदी शामिल

वाराणसी। इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम भरने, अपडेट कराने और लाभ दिलाने के झांसे में फंसाकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले साइबर अपराधियों के गैंग का पुलिस ने सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। थाना साइबर क्राइम, वाराणसी की टीम ने दिल्ली में छापेमारी कर गैंग के सरगना सहित पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया। 5 मई 2026 को वाराणसी निवासी जीशान (काल्पनिक नाम) ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस के कर्मचारी और अधिकारी बताकर उनके साथ ठगी की। आरोपियों ने प्रीमियम भरने और ज्यादा लाभ दिलाने का लालच देकर 12.5 लाख रुपये हड़प लिए।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू कादयान और अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेंद्र के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध विदुष सक्सेना के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने हरियाणा, दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में छानबीन की। 31 जून 2026 को टीम ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में शिव कुमार गौतम (28 वर्ष), पुत्र राजेश कुमार गौतम, निवासी प्रेमनगर मुबारकपुर देवास, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली। अमन कुमार (20 वर्ष), पुत्र वीरेंद्र कुमार, निवासी प्रेम नगर देवेंद्र पब्लिक स्कूल के पास, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली। विष्णु कुमार (21 वर्ष), पुत्र अवधेश कुमार, निवासी प्रेम नगर देवेंद्र पब्लिक स्कूल के पास, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली। राहुल कुमार (25 वर्ष), पुत्र सरजू वर्मा, निवासी इंदिरा इनक्लेव फेज-1, किराड़ी सुलेमान नगर, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली। आलोक सिंह (31 वर्ष), पुत्र अरविंद सिंह, निवासी ए-222 प्रताप विहार, किराड़ी सुलेमान नगर, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली। इनके कब्जे से 1 आईफोन, 5 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 65,000 रुपये नकद और एक फॉक्स चार पहिया वाहन बरामद किया गया।

आरोपी पुराने इंश्योरेंस पॉलिसीधारकों का डेटा लीक होने का फायदा उठाते थे। वे खुद को रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस का कर्मचारी बताकर ज्यादा लाभ का झांसा देते और पीड़ितों से पैसे ऐंठते थे। ठगे गए पैसे को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर रोटेट किया जाता था और बाद में कैश निकाल लिया जाता था। इस मामले में थाना साइबर क्राइम, वाराणसी में मुकदमा संख्या 0015/2026 धारा 318(4) बीएनएस, 66डी आईटी एक्ट के तहत दर्ज है। आरोपियों के विरुद्ध अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तारी में शामिल टीम में प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह, निरीक्षक योगेंद्र प्रसाद, निरीक्षक शिवाकांत शुक्ला, उपनिरीक्षक संजीव कनौजिया सहित कई हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल रहे। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि इंश्योरेंस कंपनी के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर सतर्क रहें और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही लेन-देन करें।