वाराणसी। शिवपुर के सुद्धिपुर बाईपास स्थित हनुमान मंदिर के पास सोमवार तड़के करीब 4 बजे प्रतापगढ़ की तेज रफ्तार डीसीएम (यूपी 72 T 3251) ने सड़क किनारे मिट्टी के कुल्हड़ बेचने जा रहे पिता-पुत्र को कुचल दिया। हटिया बसकडा गांव निवासी 65 वर्षीय छेदी लाल प्रजापति उर्फ भूरेलाल मौके पर ही अपनी जान गंवा बैठे, जबकि उनका 35 वर्षीय बेटा काशीराम उर्फ शोले गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बेटे ने सड़क पर बिखरी मिट्टी और टूटे कुल्हड़ों के बीच पिता को गोद में लेकर रोते हुए अंतिम सांस लेते देखा। मृतक छेदी लाल के बड़े बेटे की तीन महीने पहले ट्रेन दुर्घटना में मौत हो चुकी है। अब इस हादसे के बाद 10 सदस्यीय परिवार भरण-पोषण के संकट में फंस गया है। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर गिलट बाजार बाबतपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे बनारस-लखनऊ हाईवे पूरी तरह जाम हो गया।

परिजनों ने एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वीर नगर कॉलोनी में मकान निर्माण के दौरान सड़क पर मिट्टी गिराई गई थी। डीसीएम इसी मिट्टी पर चढ़कर अनियंत्रित हुई और पिता-पुत्र को रौंदते हुए पलट गई, सारी घटना सीसीटीवी में कैद हुई। चालक फरार है, पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से स्पीड ब्रेकर और पुलिस पिकेट की मांग कर रहे थे, जो अब तक संबंधित अधिकारी अनसुनी कर रहे थे।

सूचना पर एसडीएम सदर नितिन सिंह, एडीएम सिटी राजेश कुमार, एडीसीपी वरुणा जोन लिपि नागयाच, एसीपी वरुणा जोन अपूर्व पांडेय और शिवपुर थाना प्रभारी भारी फोर्स के साथ पहुंचे। करीब तीन घंटे तक अधिकारियों ने भीड़ को समझाया।

अधिकारियों ने परिजनों को उचित मुआवजा, घायल के मुफ्त इलाज और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। करीब तीन घंटे बाद सुबह 9:30 बजे जाम खुला। शिवपुर पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर करवाई करते हुए जाँच में जुटी।
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