चंदौली। नियामताबाद विकास क्षेत्र के अमोघपुर ग्राम पंचायत के वर्तमान ग्राम प्रधान सुनील चौहान पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल की संयुक्त कार्रवाई में सुनील चौहान को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया गया है। पुलिस ने उन्हें आदतन, पेशेवर और मनबढ़ अपराधी मानते हुए यह कार्रवाई की है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार सुनील चौहान के विरुद्ध वर्ष 2019 से 2025 के बीच अलीनगर थाने में धोखाधड़ी, धमकी, मारपीट, लोक व्यवस्था भंग करने तथा अन्य धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने और जनशांति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उन्हें जिले की भौगोलिक सीमा से छह माह के लिए निष्कासित किया गया है। यदि इस अवधि में वह चंदौली की सीमा में पाए गए तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम प्रधान पर हुई इस कार्रवाई ने क्षेत्र में कई चर्चाओं को फिर हवा दे दी है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि सुनील चौहान पर गांव समाज की भूमि के कथित अवैध सौदों समेत कई अन्य मामलों में भी संलिप्तता के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं। यह भी चर्चा रही है कि वह प्रभावशाली लोगों का करीबी होने का दावा कर लोगों पर दबाव बनाने और कथित वसूली जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस ने भी इन्हें अपनी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं किया है।
उधर, इसी कार्रवाई में अलीनगर थाना क्षेत्र के विशाल उर्फ आकाश सोनकर को भी छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। उसके विरुद्ध चोरी, मादक पदार्थ तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों के कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि जनपद में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले आदतन अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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