वाराणसी। प्रो माइंड एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड ने शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में शिक्षा क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत करते हुए 'बियॉन्ड मार्क्स मूवमेंट' का शुभारंभ किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा के अंकों तक सीमित न रखकर उनकी जन्मजात प्रतिभा, रुचि, व्यक्तित्व और क्षमताओं की सही पहचान कर उन्हें उचित करियर और जीवन की दिशा प्रदान करना है। संस्था का मानना है कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में छात्रों का मूल्यांकन सिर्फ परीक्षा अंकों पर आधारित होता है, जबकि हर बच्चे की सीखने की शैली, रुचि और क्षमता अलग-अलग होती है। संस्था के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश चौधरी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यदि समय रहते बच्चों की विशेषताओं की पहचान हो जाए तो वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य के सही निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि 'बियॉन्ड मार्क्स मूवमेंट' शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाने वाला एक जन-जागरूकता अभियान है। इस अभियान के तहत छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि किसी बच्चे की असली पहचान उसके अंकों से नहीं, बल्कि उसकी क्षमताओं और संभावनाओं से तय होती है।

राजेश चौधरी ने संस्था के तकनीकी आधारित प्लेटफॉर्म 'प्रो माइंड डिस्कवरी' की भी विस्तृत जानकारी दी। इस प्लेटफॉर्म के जरिए विद्यार्थियों की प्राकृतिक प्रतिभा, लर्निंग स्टाइल, रुचि, व्यवहारिक विशेषताओं और संभावित करियर विकल्पों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत करियर गाइडेंस उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियों पर जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों की प्राकृतिक प्रतिभा की वैज्ञानिक पहचान, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम, लक्ष्य निर्धारण कार्यशालाएं, अभिभावकों को जागरूकता शिविर, स्कूलों-कॉलेजों के साथ मिलकर समग्र (होलिस्टिक) शिक्षा को बढ़ावा दिया जायेगा। राजेश चौधरी ने भावुक होते हुए कहा, हर बच्चा अपने आप में एक अनोखी कहानी है। हमारा उद्देश्य सिर्फ अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि हर विद्यार्थी की वास्तविक क्षमता को पहचानकर उसे सही दिशा देना है। जब हम बच्चे को सही मायने में समझेंगे, तभी उसका भविष्य बेहतर बना पाएंगे।

संस्था ने बताया कि आने वाले समय में इस अभियान को देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों के सहयोग से व्यापक रूप से चलाया जाएगा। प्रेस वार्ता के समापन पर राजेश चौधरी ने शिक्षकों, अभिभावकों, मीडिया, शैक्षणिक संस्थानों और नीति-निर्माताओं से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़कर शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अपना योगदान दें। यह अभियान न केवल करियर काउंसलिंग को नई दिशा देगा, बल्कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को अंक-केंद्रित से क्षमता-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।