साइबर वज्र' अभियान में बड़ी कार्रवाई, नौकरी का झांसा देकर वसूले जाते थे ₹30-35 हजार, फर्जी कंपनियों की आड़ में चल रहा था नेटवर्क


वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम पुलिस ने नौकरी और नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर संचालित एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 300 से अधिक युवक-युवतियों को मुक्त कराया है। पुलिस ने रोहनिया क्षेत्र स्थित एक तीन मंजिला भवन पर छापेमारी कर वहां से 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया, 

जांच में सामने आया कि आरोपी 'महादेव इंटरप्राइजेज' और 'रॉयल हेल्थ इंडिया रॉयल हेल्थ वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड' के नाम पर फर्जी कंपनियां संचालित कर रहे थे। गिरोह का सरगना दीपक कुमार शाह (निवासी जमुई, बिहार) अपने साथियों के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था।

गिरोह पहले फोन कॉल के जरिए युवाओं को ₹25 हजार मासिक वेतन वाली नौकरी का लालच देता था। वाराणसी बुलाकर कॉरपोरेट ऑफिस जैसा माहौल दिखाते हुए इंटरव्यू लिया जाता और जॉइनिंग फीस के नाम पर ₹30 से 35 हजार तक वसूले जाते। इसके बदले महज ₹1,000 से ₹2,000 कीमत की किट देकर उन्हें नेटवर्क मार्केटिंग में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था। प्रशिक्षुओं का ब्रेनवॉश कर उनसे कम से कम तीन नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। ऐसा न करने पर वेतन रोकने और जमा धनराशि वापस न करने की धमकी दी जाती थी।

मुख्य आरोपी के बैंक खातों की जांच में एक वर्ष के भीतर करीब 14 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है। एनसीआरपी पोर्टल पर पांच और चार अन्य लिखित शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 स्मार्टफोन, एक लैपटॉप, दो लग्जरी कारें, नकदी, बैंक खातों में होल्ड की गई राशि तथा फर्जी कंपनियों के दस्तावेज बरामद किए हैं। मोबाइल फोन से ठगी से संबंधित चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी शामिल हैं, जिनमें कई 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा भी हैं।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर चलाए जा रहे 'साइबर वज्र' अभियान के तहत पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है तथा ठगी का शिकार हुए लोगों से आगे आकर पुलिस से संपर्क करने की अपील की है।