वाराणसी। काशी नगरी में आधुनिक परिवेश को देखते हुए मैरिज लॉन संचालकों ने वाराणसी विकास प्राधिकरण (वी डी ए) द्वारा लगाए जा रहे काले कानून और अव्यवहारिक लगान का जमकर विरोध किया है। शुक्रवार को सिटी गार्डन आंध्ररापुल में मैरिज लॉन व्यापार मंडल की महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें सैकड़ों लॉन संचालकों ने एकस्वर में फैसला लिया कि वे इस अव्यवहारिक लगान को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। महापंचायत को संबोधित करते हुए वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दो दिन पहले वीडीए ने काले कानून का हवाला देते हुए लॉन संचालकों पर भारी-भरकम और अव्यवहारिक लगान लगाने का प्रयास किया था। इस पर आज की महापंचायत में सभी सदस्यों ने एकमत से विरोध जताया और इसे मानने से साफ इनकार कर दिया। बग्गा ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ प्रशासनिक अधिकारी काले कानून के जरिए चाबुक चलाकर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे काशी के व्यापारी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि लॉन संचालक पहले से ही सरकार द्वारा बनाए गए सभी नियमों का पालन कर रहे हैं, फिर भी ऐसे अनुचित और अव्यवहारिक प्रावधानों की घोर निंदा की जा रही है।

वाराणसी मैरिज लॉन व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष मृत्युंजय सोनकर ने बताया कि सभी व्यापारी सरकार के नियमों का सम्मान करते हैं, लेकिन काले कानून के रूप में लाए जा रहे इस प्रकार के प्रावधानों की कड़ी निंदा करते हैं। महापंचायत को संबोधित करने वालों में वाराणसी मैरिज लॉन व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल सिंह पटेल, कोषाध्यक्ष नरेंद्र सोनकर सहित अन्य पदाधिकारी भी शामिल रहे। महापंचायत में विभिन्न क्षेत्रों से आए लॉन संचालकों ने अपनी समस्याएं रखीं। संचालन राजेश श्रीवास्तव ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री बबलू मिश्रा ने किया।

महापंचायत में शामिल प्रमुख लॉन संचालकों में सदानंद पटेल, रमेश सोनकर, शिव प्रकाश मौर्य, ओमप्रकाश मौर्य, रुपेश, शिवकर दुबे, विपिन यादव, अशोक यादव, अयाज अंसारी, अजय गुप्ता, गौरव सिंह, पवन सिंह, सुरेंद्र सिंह, शेखर बाबा, विष्णु प्रसाद, रोहित अग्रवाल, आरिफ खान, दीपक गुप्ता, मुन्ना चौधरी, अभिमन्यु सिंह, लाल बहादुर सिंह, सुभाष पटेल, रवि पांडेय, राजेंद्र सिंह, राकेश पटेल, राम यादव, नागेंद्र मौर्य सहित सैकड़ों अन्य लॉन संचालक मौजूद रहे। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि वे अव्यवहारिक लगान और काले कानून को वापस लें तथा लॉन व्यवसाय को सुगम बनाने के लिए सहयोग करें। अगर काला कानून वापस नहीं होता है तो हम सभी को मजबूरन बहुत बड़ी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी वीडीए और प्रशासन की होगी।