वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की है। बिना स्थलीय जांच, शिकायतकर्ता से संपर्क और तथ्यों के सत्यापन के शिकायतों का निस्तारण करने के मामलों में छह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, वेतन रोकने, कारण बताओ नोटिस तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि कई विभागों द्वारा केवल औपचारिकता निभाते हुए गलत और भ्रामक रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
राजातालाब तहसील के सेवापुरी निवासी मनोज कुमार की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत में संबंधित लेखपाल ने गलत आराजी संख्या का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। जांच में तथ्य गलत पाए जाने पर उप जिलाधिकारी राजातालाब ने लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करा दी।
चिरईगांव विकासखंड के नवापुर (सथवा) निवासी अजय कुमार चौधरी की शिकायत में उनके पुत्र और पत्नी के निवास प्रमाणपत्र गलत तरीके से निरस्त किए जाने का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि संबंधित लेखपाल ने अभिलेखों का सत्यापन किए बिना रिपोर्ट लगा दी थी। इस पर उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
हरहुआ क्षेत्र में शिकायतकर्ता आशुतोष कुमार सिंह की शिकायत पर बिना मौके पर पहुंचे और शिकायतकर्ता से संपर्क किए ही रिपोर्ट भेज दी गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जुलाई माह का वेतन रोक दिया।
फुलवरिया और सदर क्षेत्र में नई सीवर लाइन बिछाने की मांग से जुड़ी दो शिकायतों में भी जल निगम (नगरीय) के अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क किए बिना रिपोर्ट भेज दी। इस मामले में संबंधित अवर अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सारनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और सुरक्षा गार्ड पर पैसे मांगने तथा उपचार न करने की शिकायत की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को सुरक्षा गार्ड को तत्काल निलंबित करने और संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, निजी बस में टिकट बुक होने के बावजूद सीट आवंटित न करने की शिकायत का उचित निस्तारण किए बिना प्रकरण बंद करने पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण केवल स्थलीय जांच, शिकायतकर्ता से संवाद और तथ्यों के सत्यापन के बाद ही किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या फर्जी रिपोर्ट पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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