वाराणसी। वन महोत्सव के अवसर पर मुमुक्षु भवन परिसर में पर्यावरण संरक्षण और काशी की सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के अध्यक्ष अनिल सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में काशी के पूज्य संतों, त्रिदंडी स्वामियों, संन्यासियों एवं गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
संस्थान के अध्यक्ष अनिल सिंह के साथ संयोजक मनोज कुमार, सहसंयोजक मदन राम चौरसिया, मुमुक्षु भवन के महाप्रबंधक काबरा जी तथा प्रबंधक सत्येंद्र पांडे की उपस्थिति में मंदिर लान में विभिन्न प्रजातियों के पुष्पीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। सैकड़ों त्रिदंडी स्वामियों, संन्यासियों, माली एवं कर्मचारियों ने इस पुनीत अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। संतों के हाथों हुए वृक्षारोपण से मंदिर परिसर का प्राकृतिक सौंदर्य और अधिक निखर उठा।
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि मुमुक्षु भवन परिसर में मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित करने की शुरुआत रही। परिसर के तीन अलग-अलग लान में जापानी तकनीक पर आधारित इस पद्धति से घना वन तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यहां निवास करने वाले सैकड़ों बुजुर्गों, संन्यासियों, विधवाओं, श्रद्धालुओं, काशीवासियों एवं सेवादारों को स्वच्छ वातावरण और भरपूर प्राणवायु उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों के अनुसार मियावाकी पद्धति से विकसित यह सघन वन लगभग तीन वर्षों में पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगा। काशी जैसे घने शहरी क्षेत्र में, जहां वृक्षारोपण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां यह पहल पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी एवं मील का पत्थर साबित होगी।
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