महिला उद्यमिता को बढ़ावा, हस्तनिर्मित उत्पादों का किया भरमार, महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया
वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में स्वदेशी अद्भुत प्रदर्शनी मेले का आयोजन किया गया। मारवाड़ी युवा मंच अन्नपूर्णा शाखा द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रदर्शनी एवं मेला ‘हुनर एक नई पहचान’ शनिवार को महमूरगंज स्थित बालाजी पैलेस में भव्य रूप से शुरू हुआ और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर तथा केक काटकर किया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उमा बजाज, डॉ. दीपाली गुप्ता, प्रतिमा गुप्ता, केशव जालान, डॉ. भारती मधोक एवं सुनीता लोहिया उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में पूर्ण क्रांति अध्यक्ष अनुराग चंदवासिया, कृष्ण कुमार कबरा, प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रीति बाजोरिया, प्रांतीय कन्वीनर जया बसिया, संजय लोहिया सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मेले का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मंच उपलब्ध कराना तथा स्थानीय एवं हस्तनिर्मित उत्पादों को प्रोत्साहित करना है। सावन के महीने और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखकर आयोजित इस मेले में दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, प्रयागराज, भदोही सहित विभिन्न शहरों से आए उद्यमियों ने आकर्षक स्टॉल लगाए। मेले में साड़ियां, बंधनवार, भगवान की पोशाक, कस्टमाइज्ड गिफ्ट आइटम्स, बेडशीट, कुर्तियां, चिकनकारी, ज्वेलरी सहित अनेक आकर्षक हस्तनिर्मित उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध रहे। मेले की संयोजिका पूजा खेमका एवं श्वेता अग्रवाल रही हैं।
मारवाड़ी युवा मंच अन्नपूर्णा शाखा की अध्यक्षा निहारिका तोदी के नेतृत्व में सचिव सुनीता अग्रवाल, कोषाध्यक्ष नेहा गोयल, पूर्व अध्यक्षा सुनीता जाखोड़िया तथा सदस्य निधि केडिया, प्रीति प्रहलादका, सुनीति खंडेलवाल, पूनम खंडेलवाल, प्रियंका खंडेलवाल, सपना माहेश्वरी, पूजा अग्रवाल एवं स्वाति बाजोरिया सहित सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेले में बड़ी संख्या में महिलाओं, उद्यमियों एवं काशी वासियों ने पहुंचकर हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी की और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया। कार्यक्रम के समापन पर निवर्तमान अध्यक्षा पूजा खेमका एवं पूर्व अध्यक्षा श्वेता अग्रवाल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। यह मेला न केवल स्थानीय कारीगरों और महिला उद्यमियों को नई पहचान दिलाने वाला साबित हुआ, बल्कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में भी एक सार्थक प्रयास रहा।
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