वाराणसी। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली से सम्बद्ध रानी पद्मावती तारा योगतंत्र आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर “वैश्विक जनसंख्या वृद्धि की चुनौतियों और उसके समाधान” विषय पर एक दिवसीय बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा वैदिक एवं पौराणिक मंगलाचरण से हुई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत डॉ. विजय कुमार पांडेय एवं डॉ. विवेकानंद झा द्वारा माल्यार्पण कर किया गया। इस वर्ष संगोष्ठी का मुख्य ध्येय वाक्य (थीम) “युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना” रखा गया था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं उप-प्राचार्य डॉ. लक्ष्मीकांत पाठक ने विश्व जनसंख्या दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसके उद्देश्यों तथा वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए हर नागरिक को जनसंख्या संतुलन के प्रति जागरूक होना अनिवार्य है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश झा ने कहा कि सतत विकास तभी संभव है जब जनसंख्या, पर्यावरण और विकास के बीच उचित समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर जनसंख्या संतुलन के प्रति जागरूकता फैलाएं ताकि एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण किया जा सके। इससे पहले डॉ. माचर्ल उमामहेश्वर रावु ने विषय प्रवर्तन के माध्यम से संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में भोपाल में आयोजित योग प्रतियोगिता में पुरस्कृत छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन वेद विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शिवार्चित मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक डॉ. कृष्ण कान्त पांडेय द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। डॉ. लक्ष्मीकांत पाठक प्रभारी, सूचना एवं जनसंपर्क रानी पद्मावती तारा योगतंत्र आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, वाराणसी मे है।